स्वच्छ सर्वेक्षण का परीक्षण

स्वच्छ सर्वेक्षण का परीक्षण

मुंबई प्रतिनिधी: अनिल सकपाळ 
मुम्बई-स्वच्छ सर्वेक्षण की पोस्टरबाजी मुम्बई महानगर पालिका की तरफ से बड़े जोरो शोरो से की जा रही है।लेकिन ग्राउंड जीरो पर इसका अमल होता हुआ नही दिख रहा। लोगो को आवाहन किया जा रहा है कि अपना अपना मोहल्ला स्वच्छ रखे लेकिन जो काम पालिका के उपकरणों के सिवा नही हो सकता उसका क्या ? ऐसे कई सवाल लोगो द्वारा पूछे जा रहे है।
मुम्बई महानगर पालिका के पी/दक्षिण विभाग के वार्ड नंबर ५६ में  गोरेगांव (प) महात्मा फुले नगर में पालिका के 'स्वच्छ सर्वेक्षण' का परीक्षण जब हमारे संवाददाता द्वारा किया गया तो स्थानिक लोगो ने मिलकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। बस्ती के कई समस्याओं से हमे अवगत कराया, शौचालय ओवरफ्लो होने की वजह से स्थानिको को मुँह पर मास्क पहनकर घूमने की बारी आ गयी है। दत्तक वस्ति योजना के तहत स्वच्छता संस्था के कर्मचारी नियमित सफाई न करने की वजह से ये अंजाम हुआ है ऐसे यहाँ के लोगो का कहना है। 
मोहल्ले में मच्छर की पैदावार बढ़ गई है। डेंगू, मलेरिया का खतरा भी बढ़ गया है। दो साल पूर्व इसी मोहल्ले में डेंगू की वजह से किशोर की मृत्यु हुई थी। अब और किसी की जान जाने का इंतजार बीएमसी के अधिकारी कर रहे है क्या ? ऐसे एक नही अनेक सवालो को लेकर बस्ती के लोग आक्रोशित है।