"पुलिस की आवाज़" संस्थाका बेहतरीन काम... देशभर में हो रहा है नाम...

दुनिया में स्वार्थी लोगों की कमी नहीं है। हर एक मोड़ पे अपने स्वार्थ के लिए हर एक आम आदमी किसी दूसरे को ठेस पहुंचता रहता है। ये सिर्फ और सिर्फ होता है कुछ पैसों और सत्ता के लिए। इसमें आम आदमी से लेकर कुछ मानवाधिकार संस्था और कुछ NGOs भी शामिल है। जो पुलिस प्रशासन को दबाव कर अपना स्वार्थ साध लेते है।
कभी किसीने पुलिस के बारेमे भी सोचा है ? उनके मन को समझा है ?
हमें हमारी पुलिस को समर्थन देना बेहद जरुरी है। उनकी समस्या समझना जरुरी है। अगर उनसे कुछ गलत शब्द भी आए तो उसे फूल समझकर हमें स्वीकारना है।
उनपे क्या गुजरती होगी जब हम बड़ी ख़ुशी से सब त्यौहार जश्न कर रहे होते है। और पुलिस सिर्फ अपना त्यौहार ठीक से चले इसलिए २४ घंटे अपनी ड्यूटी कर रहे होते है। क्या वो इंसान नहीं है ? उनको कुछ भावना नहीं नहीं ? फिरभी हमारी पुलिस इस बात की किसीसे भी शिकायत नहीं करती है। सिर्फ और सिर्फ अपनी ड्यूटी करती रहती है। सोचिये हमें दिन में कभी कुछ ज्यादा काम करना पड़े तो हम बौखला जाते है। पर जरा कभी पुलिस चौकी में जाके देखे की वहाँ हर १० मिनट में नए नए केसेस आते रहते है। हर एक केस का स्वरुप अलग अलग होता है। सोचिये फिरभी हमारी पुलिस अपने काम बिना कोई शिकायत के करती रहते है।
इसी विषय को लेकर श्रीमान पाल पंढारी जो एक मुंबई के रहनेवाले है इन्होने एक संस्था का निर्माण किया है जो की "पुलिस की आवाज़" नाम से जाना जाता है। इस संस्था का एकही परम् उद्देश्य है की समाज में पुलिस के प्रति प्रेम भाव पैदा करना। पुलिस ही हमारा जीवन है। सबकुछ है। ये श्रीमान पाल जी का मानना है। और ये सच भी है। पुलिस है तो हमारे बीवी, बच्चे सुरक्षित है। अगर पुलिस ने १० मिनट के लिए भी आंदोलन कर छुट्टी ले ली तो समझ जाइये की क्या हो सकता है। न बीवी बचेगी, न बच्चे और न समाज।
"पुलिस की आवाज़" ये संघटन सम्पूर्ण भारत में फ़ैल चूका है। धीरे धीरे लोगों का पुलिस के प्रति सोचने और समझने का तरीका भी बदल रहा है। पुलिस को उनके कार्य में मद्त भी की जा रही है। अगर कही पे ट्रैफिक जाम हो रहा है तो "पुलिस की आवाज़" के स्वयंसेवक पहुँच रहे है। कहिपे क्राइम हो रहा है तो पुलिस को तुरंत सूचित किया जा रहा है। श्रीमान पाल जी को उनके कार्य में हाथ बटाने हेतु मुंबई से कुछ समाजसेवक भी सामने आये। उनमेसे मुंबई वडाला में स्थित श्रीमान महेंद्र चौधरी जो पुलिस की आवाज़ में महाराष्ट्र अध्यक्ष है और मुंबई जोगेश्वरी में स्थित श्रीमान संदिप कसालकर जो की पुलिस की आवाज़ में महाराष्ट्र उपाध्यक्ष है।
पुलिस की आवाज़ का एकही नारा है "पुलिस प्रशासन जिंदाबाद, पुलिस की आवाज़ जिंदाबाद"