अवैध डॉक्टर का बड़ा खुलासा

आज अवैध डॉक्टर की बढ़ती संख्या की वजह से जो अच्छे डॉक्टर और सही डॉक्टर है है उनका नाम भी खराब हो रहा है। डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। क्या कुछ दिन कंपाउंडर का काम कर लेने से या नर्सिंग का काम कर लेने से डॉक्टर बना जा सकता है। डॉक्टर के लिए सही पढ़ाई और डिग्री की जरूरत होती है। जो क्लिनिक या हॉस्पिटल चलाते हैं, उन्हें मेडिकल काउंसलिंग और बीएमसी में अपने दस्तावेज जमा कराने पड़ते हैं! जो सही डॉक्टर होते हैं वह अपने बोर्ड पर और अपने लेटर पैड पर अपना रजिस्टर नंबर लिखते हैं!
ऐसेही एक बोगस डॉक्टर की शिकायत जीवनधारा संघ नामक NGO को कई दिनों से आ रही थी।
पटेल हेल्थ केयर नामक क्लिनिक अंधेरी पूर्व क्षेत्र में घनश्याम एम्. पटेल नामक व्यक्ति द्वारा चलाई जा रही है। यह क्लिनिक मेघवाडी पुलिस स्टेशन के हद में है। पटेल नामक यह व्यक्ति जो खुदको डॉक्टर समझता है वो मरीजों को ज्यादा तौर पे एंटीबायोटिक्स की सलाह तथा दवाइयाँ देता रहता है। भारी मात्रा में एंटीबायोटिक्स के सेवन से मरीजोंको कई और प्रकारके दुष्प्रभाव भी होते है जो मरीजों के नजर में नहीं आते है। गरीब जनता को इस बात की भनक भी नहीं पड़ती की ऐसी दवाइयाँ खाने से उनको और भी कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है। वो बिचारे कम फीस की चककर में ऐसे अवैध डॉक्टरों के जाल में फ़स जाते है। यह सरासर धोखा है और गरीबों की जान से खेला जा रहा है। इसी बात का खुलासा करने के लिए जीवनधारा संघ NGO के पदाधिकारी दवा लेने के बहाने डॉक्टर पटेल के क्लिनिक में गए और जब डॉक्टर जी. एम. पटेल को कहा की हमारी तबीयत खराब है तो उन्होंने उसे नया मरीज और शक के भाव से देखकर दवा नहीं दिया, और उससे पूछने लगे आप कहां से आए हो, कहां रहते हो, मेरा दवाखाना इतना अंदर होने के बावजूद आपको कैसे पता चला। उसके बाद डॉक्टर पटेल ने दवा न देकर उनका कुछ टेस्ट रक्षा हॉस्पिटल मे कराने के लिए लिख कर दिया। उसके बाद जीवनधारा संघ की पदाधिकारी श्रीमती गुड़िया बागी और गोविन्द पांडये जी को सूचना मिलने पर तुरंत ही उन्होंने उस डॉक्टर से जाकर पूछा कृपया आप अपना मेडिकल डिग्री सर्टिफिकेट तथा मेडिकल काउंसलिंग का सर्टिफिकेट दिखा सकते है। तो डॉक्टर पटेल ने कल आओ मैं दिखाता हूं आज यहाँ पर नहीं है। ऐसे बहोत सरे बहाने बनाये। उसके बाद डॉक्टर पटेल अपना क्लिनिक छोड़कर बाहर चला गया और उसने वहाँ के समाज सेवक अजय तिवारी को बुलाया। अजय तिवारी ने उन्होंने डॉक्टर के पक्ष में रहकर श्रीमती गुड़िया बागी तथा श्रीमान गोविन्द पांडये जी को कहा की इस डॉक्टर का सर्टिफिकेट पुलिस चौकी में जमा है आप पुलिस चौकी में जा कर देख सकते है। वहाँ से जाने के लिए कहा और बोला अगर आपको इसकी शिकायत पुलिस में करना है तो बेझिझक कर सकते है। खुदको डॉक्टर साबित करने के लिए किसी समाजसेवक की क्यों जरुरत पड़ रही है। अगर ये सचमुच का डॉक्टर है तो क्लिनिक में सर्टिफिकेट क्यों नहीं लगाया। इससे साफ़ साबित होता है की पटेल नामक यह व्यक्ति जो खुदको डॉक्टर बोल रहा है वो अवैध है।