शहीदों का हो रहा है अपमान, शहीद अशोक कामटे उद्यान की दुर्दशा...


शहीदों का हो रहा है अपमान, शहीद अशोक कामटे उद्यान की दुर्दशा...

२६ नवम्बर २००८ को अशोक कामटे जी को मेट्रो सिनेमा के पास आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई जिसे अंजाम देते हुए उन्होंने शहादत दे दी। शहीद अशोक कामटे जी के स्मरण में अँधेरी पूर्व में एक उद्यान का निर्माण किया गया। जो की बच्चों, जवान और बूढ़ो को टहलने के लिए बनाया गया है। क्या सिर्फ उद्यान का निर्माण करना ही काफी है। क्या उद्यान की ठीक तरह से देखभाल करना जिम्मेदारी नहीं है। पहले हेमंत करकरे उद्यान जहाँ चरस गांजा और कई कपल्स सेक्स करते पाए जाते है। और अभी अशोक कामटे जहाँ सफाई का नामोनिशान भी नहीं है। क्या ये शहीदों का अपमान नहीं है। अगर ऐसेही अपमान करना है तो ऐसे उद्यानों का निर्माण ही क्यों किया जाता है। ऐसे कई सवाल यहाँ पर टहल रहे लोगो और सीनियर सिटिज़न्स को पड़े है।
AIJ की टीम ने यहाँ पर तैनात सिक्योरिटी तथा सीनियर सिटिज़न्स को इस बारे में सवाल पूछे तो इस विषय में कई सवाल खड़े हुए। इन लोगो का कहना है की ये उद्यान यहाँ की नगरसेविका उज्वला मोड़क जी के हद में आता है। उद्यान को मिलनेवाला मेंटेनन्स फण्ड का यहाँ पर ठीक तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। कुछ सीनियर सिटिज़न्स का ये भी केहना है की इस उद्यान को हर महीने डेड से दो लाख तक का फण्ड मिलता है। इसी उद्यान में शौचालय की स्थिति भी बत्तर है। शौचालय में नल तो लगे हुए है पर अंदर से पानी नहीं आ रहा है। इसके कारण यहाँ की गन्दगी दिनभ दिन बढ़ती जा रही है। बच्चों के लिए यहाँ पर खिलौनों की व्यवस्था की गई थी पर अब ये खिलौने टूट के पड़े है और इन खिलौनों को उद्यान के कॉर्नर में फेंक दिए गए है। 
लोगों की यहाँ के नगरसेवक से सिर्फ इतनीही बिनती है आपको जो उत्तरदायित्व सौंपा गया है वो ठीक तरह से निभाए। सिर्फ इतनाही करे की इस उद्यान में साफ़ पानी पिने का प्रबंध किया जाए और उद्यान और शौचालय की ठीक तरह से साफ़ सफाई की जाए।