

मुंबई : संदिप कसालकर
हमेशासेही हमारी सरकार तम्बाखू और आदि नशीली पदार्थोंका सेवन न करे। यह हानिकारक होती है। ऐसी बहोत सारी सुचना देते आ रही है। पर यह सूचनाओं का प्रभाव सचमुच हो रहा है ? क्या लोग इससे बहार आ रहे है ? ऐसाही एक दृश्य मुंबई के पवई इलाके में दिखाई दिया।
यह दृश्य है पवई उद्यान का जो परिवारों को टहलने तथा बच्चों को खेलने कूदने के लिए बनाया गया है। यही पर कई दिनों से कुछ महाविद्यालय के छात्र अपना लेक्चर बंग कर यह उद्यान में आते है और बिना किसीसे डरे खुले आम चरस, गांजा और ड्रग्स का सेवन करते है। यह नशीली पदार्थों के सेवन से यहाँ पर टहल रहे अन्य लोग गन्दी बदबू से परेशान हो गए है। यहाँ का वातावरण पूरी तरह से दूषित हो चूका है। और यहाँ के लोगों को इस बात का भी डर लग रहा है की नशे में धुत यह छात्र यहां पर टहल रही महिलाओं के साथ कई बत्तमीजी न कर ले। इन्हे देख यहाँ पर खेल खुद रहे बच्चों पे भी प्रभाव पड़ने की आशंका है। इन छात्रों को पुलिस का भी डर नहीं है। पुलिस का मार खाने के बावजूद भी यह नशा करने से नहीं चूक रहे है। क्योंकि नशा का प्रभाव इतना होता है की मारने से इनके शरीर को कुछभी फरक नहीं पड़ता है। कई छात्र ऐसेभी दिखाई दिए जो अपनी प्रेमिकाओंको को लेकर यहाँ आते है और सेक्स करने की कोशिश करते है। इसकी वजह से यहाँ पर परिवारों का घूमना मुश्किल हो चूका है। इसपर कठोर कार्रवाई होना जरुरी है। जो लोग चरस, गांजा, ड्रग्स आदि नशीली वस्तू बेच रहे है उनतक पहुँच उन्हें पकड़ना बेहद जरुरी है। इसके लिए पुलिस की स्पेशल टीम नियुक्त करनी होगी। जो की सिविल ड्रेस में हर एक सार्वजनिक जगह पर नजर रखे और ऐसे अपराध होने से रोके। तथा लोगोंकी भी जिम्मेदारी है की वह सतर्क रहे और अगर ऐसी कोई भी घटना दिखी तो तुरंत पुलिस को खबर करे।